लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे शरद पवार, कहा- 14 बार लड़ चुका हूं, अब युवाओं का वक्त
पुणे. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर सोमवार को विराम लग गया। उन्होंने साफ कर दिया कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के दो सदस्य लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं, यही ठीक समय है कि जब वे चुनाव न लड़ने का फैसला करें।
बारामती में पार्टी के विधायकों और सांसदों से चर्चा के बाद शरद पवार ने कहा, ''मैं इससे पहले 14 लोकसभा चुनाव लड़ चुका हूं। हमारे परिवार ने निर्णय लिया है कि मैं माढा लोकसभा से चुनाव नहीं लड़ूंगा। पार्टी के ज्यादातर सदस्य चाहते हैं कि पार्थ मवाल सीट से चुनाव लड़ें। मैं भी चाहता हूं कि नई पीढ़ी को राजनीति में आना चाहिए। पार्थ मावल लोकसभा सीट से लड़ेंगे।" पार्थ शरद पवार के भतीजे अजीत के बेटे हैं।
सुप्रिया भी लड़ेंगी चुनाव
पवार ने कहा कि उनकी बेटी सुप्रिया सुले मौजूदा सांसद हैं और इस बार भी चुनाव लड़ेंगी। हालांकि, पिछले दिनों एक इंटरव्यू ने शरद पवार ने कहा था कि पवार परिवार का एक भी सदस्य आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगा।''
माढा सीट से लड़ सकते हैं मोहिते
शरद पवार के लोकसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा के बाद अब एनसीपी के वरिष्ठ नेता विजय मोहिते पाटिल माढा से चुनाव लड़ सकते हैं। मोदी की लहर के बावजूद साल 2014 में विजय सिंह मोहिते पाटिल ने माढा सीट पर जीत दर्ज की थी। पहले चर्चा थी कि पवार माढा से चुनाव लड़ सकते हैं। 48 लोकसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में 2014 में एनसीपी ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन महज 4 सीटों पर जीत मिली थी।
एनसीपी और कांग्रेस में गठबंधन 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और एनसीपी में गठबंधन होकर सीटों का बंटवारा होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस 26 और एनसीपी 22 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि 14 फरवरी को सीआरपीएफ पर हमले से पहले मुदासिर लगातार फिदायीन आदिल अहमद डार के संपर्क में था। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। मुदासिर ग्रेजुएशन और इलेक्ट्रीशियन का डिप्लोमा कर चुका था। वह 2017 में अजहर मसूद के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था। फिलहाल, आतंकी संगठन का कमांडर था। मुदासिर फरवरी 2018 में आर्मी कैंप पर हुए हमले में भी शामिल रहा था।
हमले में इस्तेमाल हुई थी मारूति ईको
एनआईए के मुताबिक, सीआरपीएफ पर हमले के लिए आतंकियों ने एक मारूति ईको कार का इस्तेमाल किया था। जैश के आतंकी सज्जाद भट ने हमले से 10 दिन पहले ही यह कार खरीदी थी। सज्जाद हमले के बाद से फरार है। एनआईए की टीम ने पिछले महीने सज्जाद और मुदासिर के घर पर छापेमारी की थी।
बारामती में पार्टी के विधायकों और सांसदों से चर्चा के बाद शरद पवार ने कहा, ''मैं इससे पहले 14 लोकसभा चुनाव लड़ चुका हूं। हमारे परिवार ने निर्णय लिया है कि मैं माढा लोकसभा से चुनाव नहीं लड़ूंगा। पार्टी के ज्यादातर सदस्य चाहते हैं कि पार्थ मवाल सीट से चुनाव लड़ें। मैं भी चाहता हूं कि नई पीढ़ी को राजनीति में आना चाहिए। पार्थ मावल लोकसभा सीट से लड़ेंगे।" पार्थ शरद पवार के भतीजे अजीत के बेटे हैं।
सुप्रिया भी लड़ेंगी चुनाव
पवार ने कहा कि उनकी बेटी सुप्रिया सुले मौजूदा सांसद हैं और इस बार भी चुनाव लड़ेंगी। हालांकि, पिछले दिनों एक इंटरव्यू ने शरद पवार ने कहा था कि पवार परिवार का एक भी सदस्य आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगा।''
माढा सीट से लड़ सकते हैं मोहिते
शरद पवार के लोकसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा के बाद अब एनसीपी के वरिष्ठ नेता विजय मोहिते पाटिल माढा से चुनाव लड़ सकते हैं। मोदी की लहर के बावजूद साल 2014 में विजय सिंह मोहिते पाटिल ने माढा सीट पर जीत दर्ज की थी। पहले चर्चा थी कि पवार माढा से चुनाव लड़ सकते हैं। 48 लोकसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में 2014 में एनसीपी ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन महज 4 सीटों पर जीत मिली थी।
एनसीपी और कांग्रेस में गठबंधन 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और एनसीपी में गठबंधन होकर सीटों का बंटवारा होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस 26 और एनसीपी 22 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि 14 फरवरी को सीआरपीएफ पर हमले से पहले मुदासिर लगातार फिदायीन आदिल अहमद डार के संपर्क में था। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। मुदासिर ग्रेजुएशन और इलेक्ट्रीशियन का डिप्लोमा कर चुका था। वह 2017 में अजहर मसूद के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था। फिलहाल, आतंकी संगठन का कमांडर था। मुदासिर फरवरी 2018 में आर्मी कैंप पर हुए हमले में भी शामिल रहा था।
हमले में इस्तेमाल हुई थी मारूति ईको
एनआईए के मुताबिक, सीआरपीएफ पर हमले के लिए आतंकियों ने एक मारूति ईको कार का इस्तेमाल किया था। जैश के आतंकी सज्जाद भट ने हमले से 10 दिन पहले ही यह कार खरीदी थी। सज्जाद हमले के बाद से फरार है। एनआईए की टीम ने पिछले महीने सज्जाद और मुदासिर के घर पर छापेमारी की थी।
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