चुनाव आयोग को निर्देश- पहले मोदी की बायोपिक देखें, फैसला बंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपे

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक 'पीएम नरेंद्र मोदी' की रिलीज पर 19 अप्रैल से पहले फैसला करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा कि फैसला करने से पहले चुनाव आयोग पूरी फिल्म देखे। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने चुनाव आयोग को फैसला बंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपने को कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को चुनाव के दौरान इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी थी।

आयोग ने आदेश में कहा था कि ऐसी कोई भी प्रचार साम्रगी या पोस्टर जो किसी उम्मीदवार की छवि को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बढ़ा-चढ़ा कर दिखाए, ऐसे कंटेंट को आचार संहिता के दौरान इलैक्ट्रॉनिक मीडिया में नहीं दिखाना चाहिए।

आयोग ने बिना फिल्म देखे फैसला लिया- याचिकाकर्ता

आयोग के इस फैसले के खिलाफ फिल्म निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। निर्माताओं की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि चुनाव आयोग ने फिल्म देखे बिना ही रिलीज पर रोक लगा दी।

फर्जी पत्र के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंचे मुरली मनोहर जोशी
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने सोमवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखा। उन्होंने लिखा, सोशल मीडिया पर उनके नाम से लालकृष्ण आडवाणी को लिखी चिट्ठी चल रही है। उन्होंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा। उन्होंने मामले में जांच कर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।

स्पाइस जेट समेत कुछ एयरलाइंस कुछ समय पहले तक पायलटों और इंजीनियरों को बेहतर पैकेज और बोनस की सुविधा के साथ नौकरी पर रखने के लिए तैयार थी।

जेट एयरवेज पर 8000 करोड़ रुपए कर्ज है। अधिकांश विमान खड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी रोक लगी है। कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि हम इस स्थिति को सुलझाने के लिए प्रयासरत हैं।

कंपनी के एक 51 वर्षीय कर्मी का कहना है कि अगर बैंक एयरवेज को बचाने के इच्छुक नहीं हैं तो उन्हें जल्द ही इसकी घोषणा करनी चाहिए। उनका कहना है कि बैंक झूठा दिलासा देकर लोगों को भ्रमित न करें तो बेहतर रहेगा। जो कर्मी कम उम्र के हैं, उन्हें तो नौकरी मिल जाएगी, लेकिन उनके जैसे लोग इस उम्र में कहां जाएंगे।

नेशनल एविएटर्स गिल्ड का कहना है कि यह नाजुक समय है और कर्मियों को अपनी एकता दिखानी चाहिए। नो पे, नो वर्क के फैसले को सोमवार तक स्थगित कर दिया गया। मीटिंग का नतीजा देखकर एसोसिएशन आगे की रणनीति तय करेगी।

एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कैप्टन असीम वलियानी का कहना है कि पायलटों, इंजीनियर्स और मैनेजमेंट स्टाफ को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। सरकार ने भरोसा दिलाया था कि एसबीआई एयरवेज में पैसा निवेश करेगा, लेकिन अभी तक हमको एक पैसे का भी निवेश दिखा नहीं है।

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